नए Zoom 5.0 अपडेट में क्या कुछ है नया?

By | April 24, 2020

वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग ऐप Zoom को सिक्योरिटी और प्राइवेसी को लेकर कई तरह की दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है. इसमें Zoom बॉम्बिंग समेत कई तरह के मुद्दे शामिल हैं. सुरक्षा से जुड़े खतरों के चलते दुनियाभर की सरकारों और निजी कंपनियों ने गोपनीय चर्चाओं के लिए जूम के उपयोग के लिए मना किया हुआ है. अब इस ऐप में नए Zoom 5.0 अपडेट के साथ सिक्योरिटी को पहले से बेहतर बनाया गया है.

लॉकडाउन के बाद जैसे ही वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग और वीडियो कॉलिंग की डिमांड बढ़ी वैसे ही Zoom की पॉपुलैरिटी में तेजी से इजाफा हुआ. हालांकि, तेजी से यूजर बेस बढ़ने के साथ ही इसमें प्राइवेसी और सिक्योरिटी को लेकर दिक्कतें आने लगी.

इन्हीं वजहों से भारत सरकार ने भी Zoom को उपयोग ना करने की सलाह दी है. ऐसे में अब ऐसा लग रहा है कि Zoom 5.0 अपडेट के जरिए ऐप में मोस्ट अवेटेड अपग्रेड दिए गए हैं.

पहले Zoom ने कहा था कि उसके प्लेटफॉर्म पर एंड-टू-एंड एनक्रिप्शन सपोर्ट है. हालांकि, The Intercept की रिसर्च में ये बात सामने आई कि Zoom एंड-टू-एंड एनक्रिप्टेड नहीं है. यानी थर्ड पार्टी या हैकर्स या गलत मंशा रखने वाला कोई भी आपके Zoom वीडियो मीटिंग्स को ऐक्सेस कर सकता है.

नए Zoom 5.0 अपडेट में क्या कुछ है नया?

Zoom 5.0 में यूजर्स की सिक्योरिटी को ध्यान में रखकर इंप्रूव्ड डिफॉल्ट सेटिंग्स के साथ नए एनक्रिप्शन स्टैंडर्ड्स और अपडेटेड प्राइवेसी ऑप्शन्स दिए गए हैं. अब जूम में सबसे कॉम्प्लेक्स में से एक 256-bit AES-GCM एनक्रिप्शन को शामिल किया गया है. सबसे महत्वपूर्ण बात ये है कि होस्ट को इन सिक्योरिटी ऑप्शन्स को ऐक्सेस करने के लिए सेटिंग्स और सब-सेटिंग्स में नहीं जाना होगा.

Zoom 5.0 अपडेट के जरिए ऐप में इंटरफेस और डिजाइन में भी बदलाव लाया गया है. जूम मीटिंग्स में मीटिंग मेन्यू बार में एक नया बटन डिस्प्ले होगा. ऐसे में आसानी से जूम बॉम्बिंग की घटनाओं को रिपोर्ट किया जा सकेगा.

साथ ही Zoom 5.0 के जरिए एडमिन तय कर पाएंगे कि डेटा किस डेटा सेंटर रीजन में जाएगा. इन नए सिक्योरिटी फीचर्स के साथ उम्मीद की जा रही है कि जूम ऐप यूजर्स के लिए अब ज्यादा सेफ होगा.