क्या एक लड़का और लड़की केवल ‘ दोस्त ‘ हो सकते हैं जानिए पूरी सच्चाई

By | November 22, 2020

क्या एक लड़का और लड़की केवल ‘ दोस्त ‘ हो सकते हैं जानिए पूरी सच्चाई –  नमस्कार दोस्तों मैं प्रदीप जैन आपका अपनी इस ब्लॉगिंग वेबसाइट पर हार्दिक स्वागत करता हूं। दोस्तों आज हम इस आर्टिकल के माध्यम से बहुत ही इंटरेस्टिंग टॉपिक पर बात करने वाला हूं। दोस्तों आज हमेशा कल के माध्यम से बात करेंगे की क्या एक लड़का और लड़की केवल ‘ दोस्त ‘ हो सकते हैं जानिए पूरी सच्चाई ।

 आज के टाइम में दोस्ती एक ऐसा शब्द है जिसको समझना हर एक की बस की बात नहीं है। क्योंकि दोस्ती करना तो आसान होता है पर निभाना बहुत ही मुश्किल। हमारे इस समाज में दो लड़कों के बीच की दोस्ती या फिर दो लड़कियों के बीच की दोस्ती  एक बहुत ही सामान बात है। अगर हम यहीं पर बात एक लड़के और एक लड़की की दोस्ती के बारे में करें तो समाज में इसको लेकर बहुत सारी बातें होने लगती हैं। और इस रिश्ते को लोग एक अलग ही नजरिए से देखते हैं।

 वैसे तो दोस्ती के बहुत सारे मायने होते हैं जिनको समझना हर किसी  व्यक्ति की बस की बात नहीं होती है। अगर कोई एक लड़का और लड़की आपस में दोस्त होते हैं और वह साथ में कहीं घूम या साथ में बैठ कर बात कर रहे होते हैं तो लोग उन दोनों दोस्तों को एक अलग ही नजरिए से देखते हैं। हम तो इस चीज को लोगों की एक बहुत ही गंदी मानसिकता की सोच ही कहेंगे। क्योंकि दोस्ती कोई किसी व्यक्ति की जाति धर्म या फिर लिंग देखकर नहीं होती है।

 आइए हम आपको इस आर्टिकल के माध्यम से इसी विषय के बारे में चर्चा करेंगे और हम आपको बताएंगे कि क्या एक लड़का और लड़की केवल ‘ दोस्त ‘ हो सकते हैं जानिए पूरी सच्चाई ।

विश्वसनीयता

 विश्वसनीयता  एक ऐसा शब्द है जो हर एक व्यक्ति के लिए बहुत ही आवश्यकता होती है। चाहे वह व्यक्ति किसी के साथ दोस्ती कर रहा हो या फिर चाहे कोई व्यक्ति किसी के साथ प्यार के रिलेशनशिप में हो या फिर कोई व्यक्ति किसी के साथ किसी भी रिलेशनशिप में हो। क्योंकि हर एक रिलेशन में विश्वास एक अपना अलग ही अहम रोल निभाता है। अगर किसी भी रिलेशनशिप में विश्वास नहीं है तो वह रिलेशनशिप बहुत अधिक दिनों तक नहीं चल सकता है।

 अगर हम बात करते हैं एक लड़का और लड़की की दोस्ती के बारे में तो अधिकतर लड़कियां लड़की से ज्यादा लड़का दोस्त पर ज्यादा विश्वास करती है।  एक सर्वे के अनुसार 90 परसेंट लड़कियां लड़कियों से ज्यादा लड़कों पर विश्वास रखती हैं । 

क्योंकि एक सच्चाई यह भी है कि अधिकतर लड़कियों की लड़कियों से जलन की भावना बहुत अधिक होती है। इसी तरीके से एक  लड़का और एक लड़की में दोस्ती का महत्व बहुत अधिक बढ़ जाता है।  इसलिए  अधिकतर लड़कियां लड़कों के साथ दोस्ती में बहुत अधिक अपने आपको कंफर्टेबल महसूस करती हैं।

 आकर्षण

 बहुत अधिक लोगों की सोच यह होती है कि आकर्षण एक ऐसी चीज है जो केवल एक प्रेम की रिश्ते में होती है। पर मेरी राय में ऐसा कुछ भी नहीं है आकर्षण किसी भी रिश्ते में हो सकता है। चाहे वो रिश्ता दोस्ती का हो या फिर चाहे वो रिश्ता एक प्यार का ही क्यों ना हो। क्योंकि आकर्षण केवल किसी के चेहरे की सुंदरता को देखकर ही नहीं होता बल्कि आकर्षण किसी के स्वभाव गुण और उसकी आदतों को देख कर भी लोग आकर्षित हो जाते हैं।

 इसलिए अधिकतर लड़कियां किसी लड़के से दोस्ती केवल उसका चेहरे को देखकर ही नहीं करती हैं। बल्कि वह लड़के के स्वभाव उसकी आदतें को देखकर भी अधिकतर लड़कियां लड़कों के साथ दोस्ती का हाथ बढ़ाते हैं।   एक बहुत बड़ी सच्चाई है कि अधिकतर लड़कियां हो या लड़के एक ही जेंडर में बहुत अधिक आकर्षित होते हैं।

 फिक्र

 एक सच्ची दोस्ती में फिक्र एक अपना अलग ही महत्व रखता है। अगर आपका दोस्त आपका अपने से ज्यादा फिक्र करता है तो आप यकीन मानिए उससे अच्छा दोस्त आपको कभी नहीं मिलेगा। अगर कोई दोस्त आपसे कहता है कि आप घर पहुंच कर मुझे मैसेज करना या फिर समय से घर पहुंचना  अपना ख्याल रखना यह सब कोई जब कोई एक दोस्त अपने दोस्त कहता है यकीन मानिए वह  दोस्त आपका बहुत ही अधिक फिक्र करता है ।

 अगर दोस्ती में बात की जाए तो यहां पर देखने को सबसे ज्यादा यह मिलता है कि एक लड़की दूसरी लड़की की कभी भी अधिक फिक्र नहीं करती है। अगर वहीं पर एक लड़का एक लड़की दोस्त होते हैं तो वह लड़का उस लड़के की  बहुत अधिक फिक्र करता है। यह चीज हर एक लड़की को बहुत अच्छी लगती है कि कोई ऐसा दोस्त भी है जो हमारा अपने से ज्यादा फिक्र करता है।